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मेरे पास समय नहीं है, बिज़ी हूँ!

  • Writer: Ritika Mahajan
    Ritika Mahajan
  • Feb 2, 2025
  • 1 min read

30 May, 2024




मेरे पास समय नहीं है, बिज़ी हूँ!

 

काम बहुत है, आराम नहीं है!

 

किताब पढ़ लूँ या मटर छील लूँ!

 

कविता लिख लूँ या दूध काढ़ लूँ!

 

चित्र बना लूँ या माइक्रोवेव धो लूँ!

 

मेडिटेट कर लूँ या नल पोंछ लूँ!

 

समाज सुधार लूँ या नाखून काट लूँ!

 

भविष्य बचा लूँ या बाल संवार लूँ!

 

दुनिया पहचान लूँ या नाली खोल दूँ!

 

अर्श पर उड़ूँ या फर्श चमका दूँ!

 

विश्व जीत लूँ या धनिया काट लूँ!

 

परमात्मा खोज लूँ या पंखे झाड़ लूँ!

 

सच बता दूँ या खुद भी भुला दूँ!

 

मेरे पास समय नहीं है, बिज़ी हूँ!

 

 


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